'अफसरों को मुर्गा बनाकर पीट रही है ED और IT की टीम' छत्तीसगढ़ के CM का सनसनीखेज आरोप
एक बार फिर किसी राज्य की सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि ED और IT की टीम अफसरों और कारोबारियों को मुर्गा बनाकर पीट रही है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) और आयकर विभाग (Income Tax Department) के अधिकारियों पर सनसनीखेज आरोप लगाया है. उन्होंने सोमवार को एक के बाद एक 6 ट्वीट कर कहा कि ED और IT की टीम अफसरों और कारोबारियों को मुर्गा बनाकर पीट रही है.
सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ED और IT बयान लेने के लिए अफसरों और कारोबारियों को पीट रही है. उनकी पिटाई से कई लोगों की हड्डियां टूट गई हैं. कई लोगों को सुनाई देना बंद हो गया है. इस बात की शिकायत राज्य सरकार तक पहुंची है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातर मिल रही हैं. अगर आगे भी शिकायतें आती हैं तो पुलिस एक्शन लेगी. उन्होंने आगे कहा कि समुचित ढंग से जांच में हमारा पूर्ण सहयोग रहेगा, लेकिन शिकायतें आती हैं तो राज्य की पुलिस कानूनी रूप से कार्रवाई करने के लिए विवश हो जाएगी...
सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां देश के नागरिक की ताकत होती हैं. यदि इन ताकतों में नागरिक डरने लग जाएं तो निश्चित तौर पर नकारात्मक शक्ति देश को कमजोर करती है.
उन्होंने आगे कहा कि ईडी और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें हम इसका स्वागत करते हैं. लेकिन जिस प्रकार ईडी और इनकम टैक्स के अधिकारी द्वारा लोगों से पूछताछ के दौरान गैरकानूनी चीजें सामने आ रही हैं, वह बिल्कुल ही स्वीकार करने योग्य नहीं हैं.
भूपेश बघेल ने आगे कहा, 'लोगों को घर से उठाना, उनको मुर्गा बनाकर मारपीट कर दबाव डालकर मनचाहा बयान दिलाने को मजबूर करना, आजीवन जेल में सड़ देने की धमकी देना, बिना खाना-पानी दिए रात तक रोककर रखना जैसी गंभीर शिकायतें मिल रही हैं. वह (केंद्रीय एजेंसियां) स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना CRPF को साथ लेकर छापामारी कर रहे
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार को शिकायत कर सब घटनाओं की जानकारी देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आज अवैधानिक कृतियों पर रोक लगाई जाए, जिससे भी पूछताछ हो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग हो. विधिवत ढंग से जांच में हमारा पूर्ण सहयोग रहेगा. ऐसी शिकायतें हमें आगे प्राप्त होंगी तो राज्य की पुलिस विधिक रूप से कार्रवाई करेगी. नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम संकल्पित हैं.
बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 26 सितंबर को भिलाई में अग्रसेन जयंती समारोह में शामिल हुए थे. वहां कुछ कारोबारियों ने उनसे कहा था कि आयकर विभाग के डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस और प्रवर्तन निदेशालय लोगों को बुला रही है, उ धमकी दी जा रही है.
सीएम ने तब कहा था कि अगर कोई शिकायत करेगा तो इन केंद्रीय एजेंसियों पर छत्तीसगढ़ पुलिस कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा था कि व्यापारी व्यापार कर रहे हैं. उनको धमकाकर परेशान करना बड़ा अपराध है. उनसे अपराधियों जैसा व्यवहार करना बिल्कुल गलत है. अगर छत्तीसगढ़ सरकार को शिकायत मिलती है तो निश्चित रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा, 'अधिकारियों से शिकायत मिली हैं. कुछ लोगों को राड से पीटा जा रहा है. किसी का पैर टूटा है तो किसी को सुनाई देना बंद हो गया है. इन घटनाओं से प्रदेश की जनता बहुत गुस्से में है और राजनीतिक षड्यंत्र की बू आ रही है. इस पूरे मामले में झूठे प्रकरण में फंसाने का खेल प्रतीक हो रहा है.'
भूपेश बघेल ने केंद्र के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा था कि सेंट्रल एजेंसी या अपने मार्ग से भटक चुकी है. उनके ऊपर भारत के संविधान की जो शपथ ली है, उसका पालन तो वह कर ही नहीं रहे है.



